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40+ Hinduism quotes and Hindu status in hindi

 Hindu status and quotes

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Text in the images is written bellow in Hindi and English

जो खुद ही ऊंचा उठाना न चाहे, उसे तुम कहां तक घसीट कर ले जा पाओगे। हाथ उसे दो जो, जो उत्थान हेतु खुद लालायित है।" कृष्णसेनी

"इंसानी मन बड़ा विचित्र है। हम किसी को अशांति देते है तो स्वीकारे या नकारे, पर हमारा अपना मन भी अशांत हो जाता है। और जैसे ही किसी पर करुणा दिखाएं, हमारा मन भी शांति से भर जाता है।

"मुट्ठी सूं रेत के जैसे निकले है संसार, बेशक मूंदो हजार। एक मेरो कृष्ण सांचो, छलियो सब संसार।"

"जीवन में सार्थकता चाहिए, तो अंदर जो भी निरर्थक है, उसको हटाओ।"

'अगल बगल देखते रहो। कहीं गन्दगी तो एकत्र नहीं कर ली है जीवन में। क्योंकि आप कितने भी बुद्धिमान हो, यह किसी दिन आपको गंदा कर ही देगी। अतः अभी सफाई कर लो।'
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How far will you be able to drag someone who does not want to lift himself up? Give hands to those who are eager to rise." Krishnaseni “The human mind is very strange. We give disturbance to someone, accept it or deny it, but our own mind also becomes disturbed. And as soon as we show compassion to someone, our mind also fills with peace.
The world has come out like a fistful of sand, of course, shave a thousand. Make one my Krishna, cheat all the worlds." "If you want meaning in life, remove whatever is meaningless inside." 'Keep looking side by side. The dirt has not collected anywhere in life. Because no matter how intelligent you are, it will make you dirty someday. So clean up now.'

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"लोगों से मिले बिना जब हम उनको नहीं समझ पाते ठीक से । तो मन से मिले बिना हम उसको कैसे समझ सकते है सही से..." कृष्णसेनी

'नशा भी गंगा सा पाक होगा, गर हम नशा सत्य का पालें।

शरीर के जैसे ही मन के जख्म देखना और उनको भरना सीखो।

Without meeting people when we do not understand them properly. So without meeting the mind, how can we understand it properly..." Krishnaseni Intoxication will also be as pure as the Ganges, but if we keep intoxication of truth. Just like the body, learn to see the wounds of the mind and heal them.

"भौतिक जगत को देखने के लिए भौतिक शरीर की आंखें काम आ जायेंगी। पर मन को देखने |समझने के लिए सिर्फ मन की अंतर्दृष्टि ही साधन है। और इसी दृष्टि को अध्यात्म तीसरी आंख कहता है।' कृष्णसेनी
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"प्रेम और मिल्कियत शत्रु हैं। जहां लेशमात्र भी मिल्कियत हो, वहां प्रेम नहीं होना है। "
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"सत्य जो बांधने चला,

उसका अहंकार भी टूटेगा और सिंहासन भी।"
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The eyes of the physical body will be useful to see the material world. But to see/understand the mind, only the insight of the mind is the means. And spirituality calls this vision the third eye.' krishnaseni , "Love and ownership are enemies. Where there is even a trace of ownership, there is no love." , "The truth that went on binding, His ego will also be broken and the throne will also be broken."

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"युद्ध वो हारा नहीं है क्यूंकि मैदान उसने छोड़ा नहीं है।"
"जब कराहने वाले, बिलखने वाले का दर्द हम ना देख पाते, तो बहुत कम संभावना है की पौधों से कुछ खास मतलब होगा। बस ये पौधों वाला तर्क मांस को सवाल न किया जाए, इसलिए लाया जाता है।" कृष्णसेनी
"भविष्य वृक्ष है, और वर्तमान वो बीज, जिस से वृक्ष निकलेगा। क्या कोई वृक्ष की चिंता में बीज जला सकता है?
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He hasn't lost the battle because he hasn't left the field." "When we can't see the pain of the groaning, the weeping, there is little chance that plants will mean anything. Just this plant argument is brought so that the flesh should not be questioned." krishnaseni "The future is the tree, and the present is the seed from which the tree will emerge. Can anyone burn the seed worrying about the tree?
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"जितना तन 00 करते हो, उससे ज्यादा मन साफ रखना। जितना घर साफ रखते हो, उससे भी ज्यादा जीवन

साफ रखना।
"किसकी हिम्मत कि उसको बांधे, ग्वाला जिसको साधे।" कृष्णसेनी
"अनेकों तो इस वजह से हमारे पास टिक पाते नहीं है कि अपने ग्वाले के अलावा आका हम किसी को बनाते नहीं हैं। "

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Keep your mind clean more than you do in your body. The more you keep the house clean, the more life you have Keep it clean "Whose courage to bind him, whom the cowherd should hold." krishnaseni "Many are not able to stand with us because of the fact that we do not make anyone other than our cowherd."

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'हर हंसी ठिठौनी बेधड़क हो जाती है। आवाज उठाने की आती है,

पर बात जब सत्य हेतु

सशक्त प्राणियों की जुबां बहुत

लड़खड़ाती है। " कृष्णसेनी"वो कहते हैं कि हर किसी को माधव समझ क्या नहीं आते, जवाब बस इतना सा है कि हर कोई अर्जुन नहीं होते।"
"सत्य है, और पूरी श्रृष्टि के कण पर बिना तप दिख जाए, इतना सस्ता नहीं है।" कृष्णसेनी
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Every laugh turns into a whisper. voice comes, But when for the truth Tongues of powerful beings falters. "Krishnaseni" He says that not everyone understands what Madhava, the only answer is that not everyone is Arjuna. "It is true, and the whole creation is not so cheap without showing austerity on the particle." krishnaseni

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"हर छोटी बात पर और हर व्यक्ति हेतु अगर हम गांठे बांधने लगे तो एक दिन मन और जीवन में गांठों के अतिरिक्त कुछ बचेगा ही नहीं।"
"ईश्वर की ओर से मिला सबसे कीमती तोहफा जीवन है। इसमें गंदगी, बदबू, अशांति और तोहीन फैलने का अधिकार न खुद को देना, न अन्य को।"
"खुद की खोज में खुद को

गवाया है,

कुछ ऐसे हमने गिरिधर पाया है। "
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"If we start tying knots on every little thing and for every person, then one day nothing will be left in mind and life except knots." "The most precious gift from God is life. Don't give yourself or others the right to spread filth, stench, unrest and evil in it." "Self in search of myself is lost,

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"जब तक मन द्वंदो में है, न निर्णय हमारा होता, न कर्म। आत्मदर्शन आत्मनिर्णय की पूर्वशर्त है।"
"प्रेम का दूसरे पर अधिकार से कोई संबंध नहीं। अधिकार प्रेमी नहीं, दूसरों के जीवन में घुसपैठ की चाहत रखने वाला मांगता है।"
"सारी जद्दोजहते इसलिए क्यूंकि दुनियां के हिस्से हमें शांत 
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As long as the mind is in conflict, neither the decision nor the action is ours. Self-realization is a prerequisite for self-determination." "Love has nothing to do with authority over another. Authority is not the lover, but the one who wants to intrude into the lives of others demands." "All the trouble is because the parts of the world calm us down.

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"संन्यास का मतलब घर छोड़ना नहीं,

बल्कि

मिल जाना है।

दर दर भटकते मन को स्थायी और शांत घर
"सहवास तो जानवर भी करते हैं। इसका प्रेम से कोई संबंध नहीं। प्रेम है खुद को मिटाकर, अन्य को उत्थान देना।"
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Sannyas doesn't mean leaving home. Rather have to meet. A permanent and peaceful home to the wandering mind "Even animals do cohabitation. It has nothing to do with love. Love is to destroy oneself, to uplift others."

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सवाल- लोग कल क्यों करते हैं?

जवाब- हम किस चीज को कल समझ लेते हैं ये बात बड़ी महत्वपूर्ण है।

सामने वाले से बात करें। संवाद हर गांठ खोलता है। शायद कोई ऐसी साइड हो जिसे हम समझ ही न पा रहें हों।

सामने वाला ईमानदार होगा, तो अपना दृष्टिकोण हमको जरूर बताएगा।

अच्छा है कि हम भी उसको समझे।

एक श्रेणी ऐसे लोगों की भी है, जो किसी लालच में छल कर लेते है और इसे स्वीकार न करना पड़े

इसलिए जवाबदेही से बचते हैं। अगर ऐसा है तो भी अच्छा हुआ। आपको किसी की हकीकत पता चली।

आगे बढ़ो अब। बार बार भरोसे की मूर्खता करनी भी नहीं चाहिए।

Question- Why do people do it tomorrow? Answer- What we understand tomorrow is very important. Talk to the other person. Dialogue unravels every knot. Maybe there is some side that we don't understand. If the person in front is honest, then he will definitely tell us his point of view.
It is good that we understand that too. There is also a category of people who cheat in some greed and do not have to accept it. Hence avoids accountability. If so, that's good too. You got to know someone's reality. Go ahead now Don't be fooled by trust again and again.

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"लोहे का हो या सोने का, अज्ञान का हा या भावनाअ

का।

पिंजरा है अगर,

तो उसे तोडना तम्हारा

और ऊब भी
"अलगाव नहीं,

दुनियां से पूर्ण एकज्व ध्यान है. कृष्णसेनी

Whether it is of iron or of gold, of ignorance or feeling Of. If the cage is so it's yours to break it and bored too "No separation, Complete oneness with the world is meditation. krishnaseni

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के सवाल- मृत्यु के बाद क्या होता है। जवाब- समाधि वो हैं जो हमको हमारा सच - देखाती है। जिसे हम हम मानते हैं वो एक मन और उसके छोटे भाई अहमं के किस्से के अलवा उयाद कुछ नहीं।

इसके अलावा बस जड़ है, चेतन है और प्राण है। ये तीनों श्रृष्टि का आधार है। प्राण ही जड़ येतन को बांध मन और अहं को पैदा कर रहा है। प्राण अर्थात शास

मृत्यु अर्थात प्राण का शरीर में संचार खत्म हो जाना। चूंकि वो ही सबके बीच की डोरी है। तो प्राण जाते ही मन अहं गायब, चेतन चेतन में और मिट्टी मिट्टी में। बस ये ही होता है।

से ये जवाब आपके तब तक किसी काम का नहीं जब तक आप खुद न जाने।

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Question: What happens after death? Answer- Samadhi is that which shows us our truth. What we believe in is nothing but the story of one mind and its younger brother Aham. Apart from this, there is only matter, there is consciousness and there is life. These three are the basis of creation. It is the prana that binds the inert yatan and creates the mind and the ego. prana means reign

Death means the cessation of circulation of life in the body. Because she is the rope between everyone. So as soon as life passes, the mind ego disappears, the conscious becomes in the conscious and the soil in the soil. That's all it happens. This answer is of no use to you until you yourself know.

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"हम सब संवार लेते हैं, बस मन संवारना 
shayariforest

"प्रेम तभी जब दो लोग ऐसे रहें, जैसे एक शरीर दो हाथ । संग रहना, संग कर्म करना। पर मालिक कभी न बनना दूसरे का।"
"चोटी चीजें छोड़ो, मन के हाथों को खाली करो। जिससे

महान को शाम पाओ।"

We all groom, just mind grooming "Love only when two people live like one body, two hands. Living together, working together. But never becoming the master of another." "Leave the top things, free the hands of the mind. By which Have a great evening."

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"निष्काम कर्म और मनन ही वो वासुदेव और देवकी है जो कृष्ण का आधार है। निस्वार्थता और साहस वो यशोदा और नंद जो के कृष्ण के पालनहार हैं। असीम प्रेम और भक्ति ही वो राधा है जो कृष्ण को बांधे रखती है।

मन ही तुम्हारा गोकुल है, ब्रज है, मथुरा और वृंदावन हैं। यहीं क्रीड़ा है, पालन है और अंत में अहंकार रूपी कंस का अंतिम रूप से वृध है। और ये पूरी ही प्रक्रिया कृष्णलीला है।

हम बाहर ढूंढते है, पर सब तो अंदर है। बाहर तो बस प्रभाव है, जो अंदर है उसका। अंदर कृष्ण पैदा किया, तो संसार कृष्णमय जरूर होगा।

बाकी कोरी पूजा तो 6 सदा से करते ही  |"

Nishkama Karma and contemplation are those Vasudeva and Devaki who are the basis of Krishna. Selflessness and courage are those of Yashoda and Nanda who are the caretakers of Krishna. Infinite love and devotion is the only Radha that keeps Krishna tied. Your mind is your Gokul, Braj, Mathura and Vrindavan. Here is the play, the upbringing, and in the end, there is the final growth of Kansa in the form of ego. And this whole process is Krishna Leela.
We look outside, but everything is inside. Outside is just an effect, what is inside. If Krishna is created inside, then the world will definitely be Krishna-may. The rest of the blank worship has been done for 6 years.

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'किसी को शांति देने के लिए बहुत बड़ी हस्ती चाहिए। और उस शांति को संभाल पाने के लिए बहुत बड़ा बाहुबल।"


'भिरूता की सजा है नजरें चुरा के जीए जाने वाला जीवन । और खुद्दार के लिए तो ये सजा मृत्यु

से भी बदतर है । "
"कुछ लोग तो आपको संसार में

अविश्वास रूपी बीमारी से इस कदर पीडित मिलेंगें कि आप उनके लिए आंख पर पट्टी बांध भी चलोगे तो भी वो आप पर चाकू फेंक कर जांच करेंगे कि आप कहीं छल तो नहीं कर रहे।" कृष्णसेनी

"माथे पे उसके शिकन न
 तकलीफों की मजाल क्या, तोड उसको जाए।

बीच तूफान के वो खड़ा

मुस्कुराए, हृदय में जिसके कृष्ण धन

समाए।"

'It takes a very big personality to give peace to someone. And a lot of muscle power to hold that peace." 'Bhiruta's punishment is a life lived by stealing eyes. And for Khuddar, this punishment is death. is worse than , "Some people in the world give you
You will be so afflicted by the disease of unbelief that even if you walk blindfolded for them, they will throw a knife at you and check whether you are cheating somewhere." Krishnaseni "Don't wrinkle his forehead What is the fun of suffering, break it and go. He stood in the middle of the storm smile, in whose heart Krishna is rich Incorporate."

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