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Attitude shayari for boys in hindi (may 2022) बोइस एटीट्यूड स्टेट्स

 Attitude shayari for boys in hindi 2022

Attitude shayari for boys in hindi

Adab kijiye hamari khamooshi ka ,

Aapki aukaat chipaye firte hai .. !

.

 अदब कीजिए हमारी खामोशी का, 

आपकी औकात छिपाए फिरते हैं..!

Attitude shayari for boys in hindi



Baimani bhi tere ishq me sikhai thi ,

Tu hi pehli cheez hai jo maa baap se chupai thi ..!



बेइमानी भी तेरे इश्क़ ने सिखाई थी,


तू ही पहली चीज है जो माँ से छिपाई थी !

Attitude shayari for boys in hindi

 

 

मान लो मेरी राय ,

इश्क़ से बेहतर है चाय !



Maan lo meri raai ,

Ishq se behtar hai chai ..!

Attitude shayari for boys in hindi


रात के दरिया का किनारा भी कभी आएगा ,


वक्त का क्या है हमारा भी कभी आएगा ..!


Raat k dariya ka kinara bhi kabhi aayega ,

Waqt ka Kya hai hamara bhi kabhi aayega ..!

Attitude shayari for boys in hindi



मेरे घरवालों से मेरे अंदाज़ नहीं मिलते,


खून मिलता है ख्यालात नहीं मिलते !


Mere ghar walo se mere andaaz nahi milte ,

Khoon milta hai khayalaat nahi milte ..! 

Attitude shayari for boys in hindi


जिंदगी संवारने को ज़िन्दगी पड़ी है, 

वो लम्हा संवार लो जहां जिंदगी खड़ी है..


Zindagi sawarne ko zindagi padi hai ,

Woh lamha sawar lo Jahan zindagi khadi hai ..!

Attitude shayari for boys in hindi


महफ़िल से फिर तन्हाई तक आने में, 

वक़्त लगेगा ख़ामोशी अपनाने में..


Mehfil se fir tanhai tak aane me ,

Waqt lagega khamooshi apnane me .!




अदालत बन गई है जिंदगी, 

रोज नए मामले दर्ज होते हैं !



कड़वा है, लेकिन सच है, 

इंसान सबसे ज्यादा जलील

 अपने पसंद के लोगों से होता है।




ज्यादा समझदारी,


जिंदगी को बेरंग बना देती है !





वक्त अच्छे अच्छों को झुकाता है, 

और वक्त सब का आता है ! 





कहानी तो हर एक की होती हैं,


किसी की पूरी तो किसी की अधूरी होती हैं !




शुरुआत तो सब अच्छी ही करते हैं,, 

मसला तो सारा आखिर तक

साथ रहने का है।





लिबास देख कर हमे गरीब ना समझ, 

हमारे गम भी तेरी जायदाद से ज़्यादा है.!





एक बात बोलूं

 जिंदगी में ऐसे इंसान 

का होना बहुत जरूरी है 

 जिसको दिल का हाल

 बताने के लिए

 लफ्जों की जरूरत ना पड़े ! 





वो तेरी मेरी कहानी थी

 जो मुझे सबको सुनानी थी 

जिस वक्त जिस पल में तेरे

 इश्क से अंजानी थी

 वो कुछ और नहीं मेरी नादानी थी


अब इश्क में तेरे मैं दुनियां को

 भुला दूंगी

 तेरी खुशी के लिए खुद को मिटा दूंगी

 जीतने की जिद में जमाने को हरा दूंगी 

और खुद को भी हार कर तुम्हें अपना बना लूंगी ! 



मेरे हाथों से फिसलती रेत है तू 

जो कभी नही बदल सकती, वो तकदीर है तू


किस्मत का लिखा तो मिट भी जाता है 

पर हाथों की लकीरों में जो नहीं लिखा, वो नाम है तू


पता नहीं किसकी जिंदगी में तेरा साथ शामिल होगा 

पर मेरे साथ रह कर किसी गैर पर, महरवान है तू


बस समझ नही आती इतनी बात मुझे 

तू मेरी होकर मुझसे अंजान है, तो कैसी इंसान है तू  ! 



इस पल में मुझे थाम लो न 

थोड़ा तो सब्र से काम लो न


छोड़ कर जाने की इतनी जल्दी क्यों है 

कुछ पल तो संग मेरे बांट लो न


चले जाना शौक से जो जाना चाहते हो 

एक काम करो गला घोंट के मुझे मार दो न ! 





बेशक उठाओ उंगली मेरे किरदार पर, 

मगर शर्त ये हैं कि

उंगली बेदाग होनी चाहिए






एक वक्त आता है ज़िंदगी में, 

जब हमें कुछ भी पसंद नहीं आता,

हम खुद भी नहीं. ! 





पलटकर इसलिये नहीं देखा हमने, 

अगर वो नहीं पलटते तो दिल टूट जाता !!





नजरअंदाजी का बड़ा शौक़ था उनको, 

हमनें भी तोहफ़े में उनको उन्हीं का शौक़ दे दिया..!!






ढूंढो तो सुकून खुद में हैं,

 दूसरों में तो बस उलझनें ही मिलेंगी !





लोग अच्छी भली आग लगाकर कहते हैं,


मेरा वो मतलब नहीं था !





अपने किरदार से महकता है इंसान, 

चरित्र को पवित्र करने का इत्र नही आता ...!






आँसू भी आते है और दर्द भी

 छुपाना पड़ता है ! 


ये जिंदगी है साहब 

यहाँ जबरदस्ती भी मुस्कुराना पड़ता है !





एक दिन तुम भी समझ जाओगे...! 

आखिर हमें कितना सताओगे....!!


हम जानते थे तुम कुछ ऐसा ही कर जाओगे....! 

इश्क में सिर्फ हमे ही रुलाओगे...!!


क्या चाहते हो अब हमसे, छोड़ जाने के बाद...!

 गलातफेमी में मत रहना की अब

 फिर से हमारे करीब आ जाओगे...!!



उम्र गुजर गई प्यार जताते जताते 

मैं तेरी हूं यह बताते बताते


अब मै थक गई हूं तुझे मनाते मनाते

 रो पड़े मेरे दोस्त भी मुझे समझाते समझाते


हर कोई हंसने लगा मुझ पर आते जाते 

भरोसा टूटा है मेरा आस बंधाते बंधाते


खुद को भुला दिया मैने तुझे भुलाते भुलाते 

लोग चिढ़ाते थे तेरे नाम से मुझे आते जाते


घर जल गया मेरा पानी लाते लाते 

खत्म हुआ रिश्ता अब बचाते बचाते 





अब कहां कोई कहानी बाकी है 

जो दर्द दिया तुमने उसकी निशानी बाकी है 

मिट गए घाव, याद कुछ बात पुरानी बाकी है 

तू है बेवफा जेहन मै वो रात अभी भी बाकी है


बदला है तू तो मेरा बदला तुझसे बाकी है 

जितना हसा है तू उतना तेरा रोना बाकी है 

जो दी है मुझे तकलीफ, चुकाना उसका कर्ज बाकी है 

इंतजार हो गया पूरा अब इंतकाम मेरा बाकी है


देखी है मोहब्बत मेरी, नफरत अभी बाकी है 

दूर हुआ है अभी तो, दूरियां अभी बाकी है 

जीने के लिए दौलत ही नहीं, खुशियां अभी बाकी है

 कामयाबी देखनी है मेरी तुझे,

 थोड़ी नजदीकियां अभी बाकी है



हर रिश्ता अब व्यापार हो गया...

 मतलब के पीछे कोई भी यार हो गया... 

अब किसी को भी किसी से सच्चा प्यार हो गया...

 हर इंसान अब दगाबाज हो गया....


इंसानियत का रिश्ता तो तार तार हो गया...

 हवस का पुजारी सच्चा यार हो गया... 

सच्चा प्यार करने वाला ड्रामेबाज़ हो गया... 

देखो तो यारों इस जमाने में कितना बदलाव हो गया.... 



वक्त बेवक्त क्यूं सताते हो तुम.. 

हर वक्त क्यूं याद आते हो तुम...


माना की हम कुछ नही तुम्हारे . 

 फिर इतना क्यूं रुलाते हो तुम


जाना चाहते हो तो चले जाओ न..


ऐसे क्यूं दिल दुखाते हो तुम ....


एक बात बताओ न जाना.... 

उसको अपना और मुझे गैर क्यूं बताते हो तुम.....!! 



मुझसे न मोहब्बत करो मैं निभा नहीं पाऊंगी 

न चाहते हुए भी तुम्हारा दिल तोड़ जाऊंगी


इश्क, वफा और प्यार की बातें, यह सब है बेकार की बातें

 लड़खड़ाते कदम है मेरे मै तुम्हारा साथ नहीं दे पाऊंगी


जब चाहोगे पास रहूं तुम्हारे, तब शायद दूर चली जाऊंगी

 मत करो न मुझसे मोहब्बत मै निभा नहीं पाऊंगी 



पहली करवाचौथ का तौफा तुम देना साजन 

कुछ खास चाहिए नहीं मुझे बस प्यार से गले लगा लेना साजन


उम्र भर में आपकी ही रहूंगी यह वादा करती हूं 

आप भी मुझे अपना बना लेना साजन


रूठ जाऊं कभी तो प्यार से मना लेना 

कुछ इस तरह मेरा साथ निभा देना साजन 



मुझे आदत है हर दफा मुस्कुराने की, 

यूं ही हंस कर अपना गम छुपाने की..!


अपनी नादानियों से सबको हंसाने की, 

क्या हूं मैं किसी को नहीं बताने की..!


हालात चाहे जैसे भी हों सब में घुल जाने की, 

लोगों को आखरी हद तक आजमाने की..! 

.

.


पीठ पीछे बात करते नहीं हम किसी की 

जो बोलना है मुंह पर साफ बोलते है


घर वालों ने सिखाए हैं संस्कार हमें 

इसलिए हम तू को भी आप बोलते हैं


और जो करते है नमर्दो वाली हरकतें 

हम ऐसे लोगों को हिजड़ों का बाप बोलते हैं 





मैं-मैं ना रहा


पर मेरी मुस्कान अभी सच्ची है


मैं-मैं ना रहा


के पर मेरी मुस्कान अभी सच्ची तेरे बस की बात नहीं


हम शायरों की मोहब्बत समझना अरे जा तू अभी बच्ची है



ऐसा लगता है..


हमें तो सारे फरिश्ते ही मिले हैं जिन्दगी में, 

कोई गलतियां करता ही नहीं हमारे सिवा ! 



आज कल के रिश्ते Bluetooth जैसे हो गए हैं,


पास हो तो Connected और 

दूर हो तो Searching for New Device..


- shayariforest -

























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